छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 16 फरवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए कहा कि “योनि के ऊपर लिंग रखकर वीर्यपात करना बलात्कार नहीं माना जा सकता।”प्रवेश नहीं तो रेप नहीं”
विनोद नेताम वरिष्ठ पत्रकार छत्तीसगढ़/बिलासपुर/ विशेष रिपोर्ट_छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले पर देश को ठहर कर सोचना होगा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास ने कहा अगर पेनेट्रेशन सिद्ध नहीं है,तो…
